अजीत की तमन्ना
Forever...
Sunday, January 4, 2015
जैसी वो भायी मुझे ,कोई और न मुझे भाए
जैसी वो भायी मुझे ,कोई और न मुझे भाए
जैसी वो भायी मुझे ,कोई और न मुझे भाए
वो मिल जाये तो मेरी जिंदगी संवर जाये
आज उसको देखा मैंने कोचिंग की रोड पर
सीधे हाँथ में मोबाइल और दो इयरिंग्स कान पर
कोई उससे कह दे वो काजल भी लगाये
वो मिल जाये तो मेरी जिंदगी संवर जाये
मुझे भी संभालना सिखा दो यारो
मुझे भी संभालना सिखा दो यारो
मुझे भी संभालना सिखा दो यारो
कुछ अपने जैसा ही बना दो यारो
कैसे पोह्छु जिस बिलंदी पर तुम हो
कम से कम ये सलीका ही सीखा दो यारों
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