Saturday, February 18, 2017

नकारात्मक रहिये, सकारात्मक बनिए ! Stay Negative,Be positive

                                             

मेरा दिया हमेशा हवा के विपरीत ही जलता  है अगर मैं ऐसा कहूँ तो  गलत न होगा, उल्टा सोचना थोड़ा मुश्किल है लेकिन ये जरूरी है 

दोस्तों जब भी मैं किसी भी अखबार,पत्रिका,लेख  उपन्यास को पढता हूँ तो हमेशा देखता हूँ उसमें सारी पॉसिटिव बातें होती हैं  हमें काफी उत्साहित कर देंती हैं 
जैसे की 

१ आप कर सकतें !
२ इंसान जो सोच सकता है वो कर सकता है !
३ आप दुनिया मैं कुछ भी कर सकते हो !

 अपने सोचा की क्या यह सम्भव है 

नकारात्मक सोच कैसे आपको सफलता की और  जाएगी आज आपको बताता हूँ 

दोस्तों इक सकारात्मक व्यक्ति ने सोचा की मैं हवा मैं उड़ सकता हूँ और उसने हवाई जहाज का निर्माण किया 

और दूसरी तरफ नकारात्मक व्यक्ति ने सोचा  की अगर उड़ते उड़ते ये हवाई जहाज क्रेश हो गया तो क्या  होगा और इस व्यक्ति ने पैराशूट बनाया 


दोस्तों दोनों ही सोच अपनी जगह सही हैं 

लेकिन सकारात्मकता का जो आतंक आजकल माँ-बाप और कोचिंग संस्थान फैला रहें हैं वह झेलना बहोत ही मुश्किल हो रहा है 



 तुम कर सकते हो 
तुम कुछ भी कर सकते हो 
तुम्हे कोई नहीं रोक सकता 

ये सब तोह ऐसा हो गया है जैसे आजकल हर बच्चा सिकंदर पैदा हो रहा हो और वो विश्व जीतने की होड़ मैं हो 

"मित्रो इक बार इक लड़की का शिष्ट व्यव्हार देखकर उसके अध्यापक ने पुछा  तुम्हे इतना शिष्ट और विनम्र होना किसने सिखाया लड़की ने जवाब दिया किसी ने नहीं हमारे परिवार मैं लोग ऐसा ही व्यव्हार करते हैं" 

दोस्तों ये उदहारण मैंने यहाँ पर इसलिए दिया,क्यूंकि आजकल के माता पिता अपने बच्चो को इतना सकारात्मक करने की कोशिस करते हैं की जिसकी कोई सीमा नहीं है 

जिंदगी में  कामयाबी ही सबकुछ है और तुम्हे कामयाब होना ही है उसके ज़ेहन   में  नाकामयाबी का शब्द आने ही नहीं देते वह कामयाबी शब्द से इतना बंध  चूका होता है की वह कामयाबी के लिए सब कुछ करने को तैयार है

 यू अर बेस्ट ऑफ़ आल 
तुम सबसे  सर्वश्रेस्ट हो और वो यह बात दिल मैं झंडे की तरह गाड़ लेता है 

 कामयाबी चाहिए इससे फर्क नहीं पड़ता की इसके लिए उसने क्या खोया फिर चाहे माँ और बाप ही क्यों न हों 
 कहने का आशय  यह है की उसे जीवन मैं अच्छा इंसान बनाने की और ले जाइये ,सफल वह अपने आप होगा अगर मान लीजिए वह सफल नहीं भी हुआ तो वो आपका सर हमेशा ऊँचा ही रखेगा और आपका प्यारा बेटा या बेटी तो रहेगा ही 


नकारात्मक सुनना जैसे पाप  है  चलिए आपको कुछ  उदहारण देता हूँ 

१ 

इक बार इक अधिकार को उसके उच्च अधिकारियों ने  इक महीने मैं १० कर बेचने को कहा इस पर उसने कहाँ सर मैं इतनी करें नहीं बेच पाउँगा मैं केवल ५ कार हो बेच पाउँगा,

इस पर उसे जमकर डांट पड़ी और उसे नोकरी से निकलने की बात भी कही गई 

लेकिन महीने के अंत मैं इस व्यक्ति ने ५ कारे बेच दी 

२ 

दूसरी तरफ इक दुसरे अधिकारी को को भी यही बात कही गई उसने कहा सर मैं १२ कारे बेच दूंगा 
उसे शाबाशी मिली सब ने तालियां बजाई और कहा ये होता है सकारात्मक नजरिया 

लेकिन मित्रो यह अधिकारी महीने के अंत मैं केवल १ कार बेच पाया 



आप बताइये ऐसी खोखली सकारात्मकता किस काम की थोड़ी सी वाह वाही और प्रशंशा के लिए अपने सामर्थ्य से बाहर जाकर बातें करना क्या सही है?
ऊँचा उड़ना अच्छी बात है क्या हमारे पंख उस उड़ान के लिए मजबूत हैं क्या ये उचाई पर हमरा साथ दे पाएंगे, इस बात पर विचार करना जरूरी है 


मैंने कुछ  IAS सिलेक्टेड बच्चो के इंटरव्यू देखे उन सबने जो बातें कहीं उनमें इक बात बहोत कॉमन थीं 

 कहतें हैं 

"सिलेक्शन के लिए क्या पढ़ना है,इससे ज्यादा ये जानना बहोत जरूरी है की क्या नहीं पढ़ना है"


मित्रो मैं आपको थोड़ा सा नकारात्मक करने की कोशिश करूँगा 

१ आप जहाज के बारे मैं सोचते हैं-  मैं लाइफ जाकेट के बारे मैं सोचता हूँ 

२ आप गाड़ी मैं स्पीड के बारे मैं सोचते हैं- मैं गाड़ी मैं ब्रेक के बारे मैं सोचता हूँ 

३ आप सफलता के बारे मैं सोचते हैं - मैं सोचता हूँ असफल हुए तो फिर क्या ?

सकारात्मकता का मतलब पागलपन नहीं है,पर बिना अपना सामर्थ्य पहचाने, यह आत्महत्या है अपने समय की और पैसे की 

सफलता और आप जो चाहते हैं कहीं न कहीं  नाराकत्मक  सकारात्मक के बीच मैं जो होता है वही है 
किन्तुं दोनों की ही अधिकता हमें डुंबो देती हैं 


बाकि ज्ञान तो Wattsapp पर आपको मिल ही जायेगा  

                                                                अजीत कुमार सिंह (आदेश )
    
                                     चेतावनी :-ये लेखक  के अपने विचार हैं आप इससे सहमत हों ये आवश्यक नहीं 




2 comments:

Ramesh Thakor said...

Sahi hai ye sochna aur karna ulata lag raha hai lekin hai sidha

Unknown said...

Sahi hai.. kabhi kabhi nakartmakta hame bade sankat se bachane ka kaam karti hai