Mr ELIXIR
जब मै अकेला था तब न कोई मेरे साथ था
चेहरा तो खुश था पर दिल उदाश था
न खाश हु मै और न ओ कभी खाश था
पर घमंड इसलिए था क्योकि प्रकाश मेरे साथ था
उसने मुझे रास्ता दिखाया
जब भी मैंने खुद को सबसे अकेला पाया
जाने अन जाने अगर मैंने कभी उसका दिल दुखाया
मेरे पास आकर उसने ही मुझे मनाया
मेरे सफलताओ मै उसका भी हाथ था
पर दुःख इस बात का है कि
जब मै अकेला था तब न कोई मेरे साथ था
चेहरा तो खुश था पर दिल उदाश था
आज भी याद है मुझे उसका समझाना
I बेंच पर बैठना और आपस मैं लड़ जाना
वो looser कहकर मुझको चिढाना
मेरे रूठ जाने पर मुजको मनाना
मेरा लंच लेकर उसका भाग जाना
फुटबाल के ground में उसके पीछे दौड़ लगाना
खुले आसमान में shairing ऑफ़ लंच
और मेरे हर birthday पर उसकी Nestele Munch
अपना नहीं था वो मेरा पर अपनों से भी खास था
था तो मेरा दोस्त पर सबके साथ था
पर क्या कहूँ
जब मै अकेला था तब न कोई मेरे साथ था
चेहरा तो खुश था पर दिल उदाश था
thanks bro for making me
real Ajeet
अजीत (तमन्ना)कुमार सिंह
जब मै अकेला था तब न कोई मेरे साथ था
चेहरा तो खुश था पर दिल उदाश था
न खाश हु मै और न ओ कभी खाश था
पर घमंड इसलिए था क्योकि प्रकाश मेरे साथ था
उसने मुझे रास्ता दिखाया
जब भी मैंने खुद को सबसे अकेला पाया
जाने अन जाने अगर मैंने कभी उसका दिल दुखाया
मेरे पास आकर उसने ही मुझे मनाया
मेरे सफलताओ मै उसका भी हाथ था
पर दुःख इस बात का है कि
जब मै अकेला था तब न कोई मेरे साथ था
चेहरा तो खुश था पर दिल उदाश था
आज भी याद है मुझे उसका समझाना
I बेंच पर बैठना और आपस मैं लड़ जाना
वो looser कहकर मुझको चिढाना
मेरे रूठ जाने पर मुजको मनाना
मेरा लंच लेकर उसका भाग जाना
फुटबाल के ground में उसके पीछे दौड़ लगाना
खुले आसमान में shairing ऑफ़ लंच
और मेरे हर birthday पर उसकी Nestele Munch
अपना नहीं था वो मेरा पर अपनों से भी खास था
था तो मेरा दोस्त पर सबके साथ था
पर क्या कहूँ
जब मै अकेला था तब न कोई मेरे साथ था
चेहरा तो खुश था पर दिल उदाश था
thanks bro for making me
real Ajeet
अजीत (तमन्ना)कुमार सिंह
1 comment:
Bhot badhaa shayar ban gayaa hai re tu...
Aur mere baare me kya jhoot jhoot likh rakha hai tune.
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